मध्यप्रदेश के प्रमुख संगीतकार | Madhya Pradesh Famous Musicians

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तानसेन (Tansen) Famous Musicians :

  •  संगीत सम्राट तानसेन  का जन्म ग्वालियर के निकट बेहट नामक गाँव में 1532 में हुआ था |
  •  इनका वास्तविक नाम रामतनु था |
  •  रीवा के महाराज रामचंद्र ने उन्हें अकबर को उपहार स्वरूप दिया था |
  •  अकबर ने पूर्ण सम्मान देकर अपने नौ रत्नों में शामिल क्र लिया |
  •  तानसेन को राग भैरव में महारत हासिल थी |
  •  उन्होंने ध्रुपद धमार के अलावा नए रागों दरबारी तोड़ी , मिया की मल्हार, मिया की सारंग आदि की रचना की|
  •  ‘संगीतकार’ और ‘संगीत रागकला’ नामक दो संगीत ग्रन्थ भी प्रसिद्ध है |
  •   म.प्र. सरकार ने राष्ट्रीय तानसेन पुरस्कार स्थापित किया तथा ग्वालियर में प्रतिवर्ष तानसेन समारोह आयोजित किया जाता है|

 

 उस्ताद अलाउद्दीन खां (Ustad Allauddin Khan) Famous Musicians :

  • बाबा के नाम से प्रसिद्ध उस्ताद अलाउद्दीन खां का जन्म 1881 में त्रिपुरा जिले  के शिवपुर नामक गाँव  में हुआ था |
  • पिता साधू खां एवं माता हरसुन्दरी देवी थे |
  •  शिष्य – पं. रविशंकर (भारत रत्न सितारवादक ) पन्ना लाल घोष |
  •  संगीत गुरु – हाबुदत्त ( विवेकानंद के बड़े भाई ) – वायलिन सिखा |
  •  उस्ताद वजीर खां( रामपुर ) – सरोद सिखा  |
  •  उस्ताद अली अहमद खां – शाहनाई वादन सिखा |
  •  वर्ष 1911 में उस्ताद अलाउद्दीन खां मैहर के महाराजा ब्रजनाथ सिह के निमंत्रण पर मैहर आ गए और मैहर बैंड की स्थापना की |
  •  मैहर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना की |
  •  उन्होंने मदन मंजरी ,हेमंत ,हेम  विहंग ,माज खमाज आदि सर्वत्र एवं लोकप्रिय राग रचना है |
  •  सुर सितार ,चन्द्र सारंग तथा पुरानि बन्दुक की नलियों को काटकर जलतरंग नामक वाद्ययंत्र बनाया |
  •  वर्ष  1958 में पद्मभूषण एवं 1971 में पद्म श्री से अलंकृत किया |

उस्ताद हाफिज अली खां (Ustad Hafiz Ali Khan) Famous Musicians :

  • ग्वालियर के सुप्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद हाफिज खां का जन्म 1888 में ग्वालियर  में हुआ |
  •  इन्होने सरोदवादन की शुरुआती शिक्षा अपने पिता नन्हे खां से सीखी |
  •  इन्होने वृन्दावन के महाराज गणेशीलाल चौबे से होरी व ध्रुपद की शिक्षा प्राप्त की एवं रामपुर के उस्ताद वजीरखां से सुर्रासागर का शिक्षण प्राप्त किया था|
  • इन्ही प्रसिद्धियों के साथ साथ इन्हें ग्वालियर के शासक माधवराव सिंधिया ने उन्हें अपने दरबार में सम्मानित स्थान प्रदान किया था |
  •  वर्ष 1940 में माधव संगीत महाविद्यालय में स्थान ग्रहण किया |
  •  वर्ष 1960 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया |
  •  इनकी स्मृति में ग्वालियर में सरोद घर स्थापित किया गया |

पंडित कृष्णराव शंकर (Pandit Krishnarao Shankar) Famous Musicians :

  •  ‘गायनाचार्य’ और ‘संगीत मनिषि’ की उपाधि से सम्मानित पं. कृष्णराव शंकर का जन्म 26जुलाई ,1893 में ग्वालियर में हुआ था |
  •  पिता संगीतज्ञ शंकर राव पंडित तथा गुरु निसार हुसैन खां थे |
  •  1907 में कृष्णराव ने अपने जीवन का प्रथम कार्यक्रम प्रस्तुत किया |
  •  1907 से 1911 तक वे स्वतंत्र गायक के रूप में गाते रहे |
  •  1914 में ग्वालियर में ‘गंधर्व विद्यालय’ नाम से एक संगीत संस्था की स्थापना की  |
  •  संगीत सरगम सार ,प्रवेश संगीत अलाप संचारी ,तबला वादन शिक्षा ,सितार जल तरंग आदि प्रमुख संगीत साहित्य रचना है |
  •  वर्ष 1973 में पद्म भूषण से सम्मानित |
  •  गायक शिरोमणि ,संगीत रत्नालंकार, संगीत शिरोमणि आदि उपाधियो से सम्मानित |

शंकरराव पंडित (Shankarrao Pandit) Famous Musicians :

  •  पंडित शंकरराव का जन्म 1863 में ग्वालियर में हुआ था |
  •  पिता पं. विष्णु शास्त्री शास्त्रीय संगीत के महान विद्वान थे |
  •  हद्दु खां , नत्थे खां , हस्सू खां, निशार हुसैन  तथा अपने पिता से संगीत की शिक्षा ली |
  •  टप्पा गाने का प्रशिक्षण धार के देवजी बुवा से प्राप्त किया |
  •  यह यमन राग गाने में सिद्धस्त थे |
  •  आपको सतारा, अलवर और किशनगढ़ के महाराजाओ ने दरबारी कवि रखा |
  •  1917 में पंडित जी का निधन हो गया |
  •  पुत्र पंडित कृष्णराव ने इनकी स्मृति में ग्वालियर में शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय स्थापित किया |

राजा भैया पूँछवाले (Raja Bhaiya Poonchwale) Famous Musicians :

  •  राजा भैया पूँछवाले का जन्म 12 अगस्त 1882 में ग्वालियर में हुआ था |
  •  इनका पूरा नाम बालकृष्ण आनन्द राव अष्टेकर था |
  •  संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा अपने पिता तथा मेहँदी हुसैन खां के शिष्य श्री बलदेव से ली|
  •  इनके पूर्वजो को ‘पूँछ’ नामक ग्राम की जागीर मिलने से इनका परिवार ‘पूंछवाले’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ |
  •  मुख्य रूप से ख्याल गायक थे ,परन्तु  ठुमरी एवं टप्पे भी प्रवीणता से गाते थे |
  •  राजा भैया ने तान संगीतोपासना , ठुमरी , तरंगिनी आदि पुस्तकों की रचना की |
  •  1 अप्रैल 1956 को देहवसान हो गया |

उस्ताद अमीर खां  (Ustad Amir Khan) Famous Musicians :

  • इंदौर संगीत घराने के जनक उस्ताद अमीर खां का जन्म वर्ष 1913 में इंदौर में हुआ था |
  • वे इंदौर दरबार के ख्यात नाम गायक सारंगी नवाज उस्ताद शाहमीर खां के पुत्र थे|
  • श्रेष्ठ ख्याल , तराना गायकी  |
  •  बेजु बावरा , गूंज उठी शेहनाई ,झनक झनक पायल बाजे जैसी फिल्मो में अपने स्वर दिए|

कुमार गंधर्व  (Kumar Gandharv) Famous Musicians :

  •  डॉ. कुमार गंधर्व का जन्म 8 अप्रैल 1924 में कर्नाटक के बेलगांव के सुलेभावी    नामक गाँव में हुआ था |
  •  इनका वास्तविक नाम शिवपुत्र था |
  • सात वर्ष की आयु में उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर एक मठ के गुरु ने उन्हें कुमार गंधर्व की उपाधि दी|
  •  इनके संगीत गुरु प्रो. बी.आर. देवधर अंजनीबाई मातोकर थे |
  •  1948 में तपेदिक से पिडित होने के कारण मुंबई छोड़कर देवास को अपना निवास स्थान बनाया और इन्होने 400 मालवी लोकगीतो का संग्रह किया |
  •  इन्होने अटिट मोहिनी ,मालवती, सहेली तोड़ी ,लग्नगंधार ,निंदियारी ,भावमत
  • ,भैरव , गाँधीराग आदि रागों का सृजन किया |
  •  भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया |
  •  म.प्र. शासन ने 1992 में कुमार गंधर्व सम्मान की स्थापना की |

महाराजा चक्रधर सिह (Maharaja Chakradhar Singh) Famous Musicians :

  •  राजा चक्रधर सिंह का जन्म 1905 में हुआ था |
  •  इन्होने संगीत पर  आधारित कई ग्रंथो की रचना की , जिसमे राग रत्न , मंजूषा ,तलतोय निधि तथा नर्तन सर्वस्व प्रमुख है|
  •  लखनऊ के संगीत सम्मेलन में ‘संगीत सम्राट’ की उपाधि से विभूषित किया |
  •  उनकी स्मृति में म.प्र. सरकार ने चक्रधर फेलोशिप प्रारंभ की |

पंडित कार्तिकराम (Pandit kartikram) Famous Musicians :

  •  संगीत सम्राट पंडित कार्तिकराम का जन्म बिलासपुर जिले के भंवरमाल नामक ग्राम में हुआ था |
  •  पिता श्री कुंजराम थे |
  •  वर्ष 1936 में चक्रधर से ‘नृत्य सम्राट’ की उपाधि प्राप्त की|
  •  देहावसान 29 जनवरी , 1992 में हो गया  |


प्रतियोगिता के प्रश्न :
प्र.1  तानसेन का वास्तविक नाम क्या था  ?
प्र.2  कुमार गंधर्व का जन्म कहाँ हुआ था ?

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